मैं भारत का वोटर हूँ, मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिये 

​-मैं भारत का वोटर हूँ, मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिये 
-बिजली मैं बचाऊँगा नहीं,

बिल मुझे कम चाहिये,
-पेड़ मैं लगाऊँगा नहीं, 

मौसम मुझको नम चाहिये,
-शिकायत मैं करूँगा न हीं, कार्रवाई तुरंत चाहिये
-बिना लिए कुछ काम न करूँ, 

भ्रष्टाचार का अंत चाहिये 
-पढ़ने को मेहनत न बाबा, 

नौकरी लालीपाॅप चाहिये
-घर-बाहर कूड़ा फेकूं, 

शहर मुझे साफ चाहिये 
-काम करूँ न धेले भर का, 

वेतन लल्लनटाॅप चाहिये 
-एक नेता कुछ बोल गया सो, 

मुफ्त में पंद्रह लाख चाहिये
-लाचारों वाले लाभ उठायें 

फिर भी ऊँची साख चाहिये 
-लोन मिले बिल्कुल सस्ता, 

बचत पर ब्याज बढ़ा चाहिये 
-धर्म के नाम रेवडियां खाएँ 

पर देश धर्मनिरपेक्ष चाहिये
-जाती के नाम पर वोट दे 

अपराध मुक्त राज्य चाहिए 
-मैं भारत का वोटर हूँ मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिये।’

Published by Maya Raichura

hello, Jai Shree Krishna. I'm maya raichura, a housewife. I was born in Ahmadabad and I studied at H.A college of commerce . Currently I live in Mumbai - Borivali.I like old hindi and gujarati songs, ghazals and movies. Since I was a teenager I liked reading and writing shayaris. My blog is a result of my hobby.

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